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7वां पे स्केल : 21 महीने के एरियर के बिना 1 अक्टूबर से मिलेगा, ऐसे बढ़ेगी सैलरी

Hemant Verma - 2:19 PM
लंबे समय से सातवें वेतन आयोग के एरियर का इंतजार कर रहे राज्य सेवा के 8 लाख से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को झटका लगा है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिश का लाभ राज्य सरकार बैक डेट 1 जनवरी 2016 से देने की बजाय एक अक्टूबर 2017 से देने का निर्णय किया है। अब 21 माह का एरियर नहीं मिलेगा। ऐसे में सरकार सिर्फ अक्टूबर महीने के एरियर के साथ एक दिसंबर 2017 को नए वेतन का भुगतान करेगी। हालांकि कर्मचारियों को पांच फीसदी डीए का लाभ तुरंत प्रभाव से दिया जाएगा। अधिकतम 28 हजार रु. तक प्रति माह की बढ़ोत्तरी...

7वें वेतन आयोग की सिफारिश को लागू करने को लेकर सोमवार को वित्त विभाग की ओर से चार अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की गई। इस फैसले से कर्मचारियों के वेतन में अधिकतम 28 हजार रु. तक प्रति माह की बढ़ोत्तरी होगी। खास यह है कि अखिल भारतीय सेवा यानी राज्य के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस को 7वां वेतनमान का लाभ देने के लिए आदेश जारी नहीं हो पाया। यदि सरकार एरियर या नोशनल बेनिफिट देती है तो अलग से सरकार को आदेश जारी करना होगा।


1900 ग्रेड पे वालों के वेतन से नहीं होगी कटौती

लगभग 60 हजार से अधिक कर्मचारियों के लिए अच्छी सूचना है। एक जुलाई 2013 से नियुक्ति पाने वाले 1900 ग्रेड पे वाले कर्मचारियों के वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के वेतन में एक जुलाई 2013 से 30 सितंबर 2017 के बीच 4756 रुपए का अंतर आ रहा है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू होने के बाद बढ़े हुए वेतन में उस रकम को समायोजन कर दिया जाएगा। इसके बावजूद यदि एक हजार से 1200 रुपये के बीच में अंतर आएगा तो उसे पर्सनल पे के तौर पर सरकार भुगतान करेगी। भविष्य में इनका इंक्रीमेंट लगने पर उसमें समायोजन कर दिया जाएगा। साथ ही पूर्व में भुगतान किए गए रकम की भी सरकार रिकवरी नहीं करेगी। गहलोत सरकार ने इनको बढ़ा हुआ वेतनमान पहले ही दे दिया था, जिसे अब कम किया गया है।


सीसीए, एचआरए भी बढ़ जाएगा

जारी अधिसूचना के अनुसार कर्मचारियों, अधिकारियों को सीसीए और एचआरए भी बढ़ा हुआ मिलेगा। 23100 बेसिक पे पाने वाले कर्मचारियों के लिए सीसीए 600 रुपए मिलेगा। जबकि 23100 से अधिक बेसिक पे पाने वाले कर्मचारियों को 1000 रुपए सीसीए प्रतिमाह मिलेगा। जयपुर में बेसिक पे का 16 फीसदी एचआरए के तौर पर भुगतान किया जाएगा। पहले बेसिक का 20 फीसदी देय था। पहले बेसिक कम होता था, जिसके कारण एचआरए की रकम कम होती थी। सातवें वेतनमान में बेसिक बढ़ जाएगी, जिससे एचआरए की कम पहले से डबल हो जाएगी।


प्रोबेशनर के लिए एनपीएस

सरकार ने पहली बार प्रोबेशनर के लिए न्यू पेंशन स्कीम लेकर आई है। प्राेबेशनर के वेतन से 10 फीसदी रकम पेंशन के लिए कटेगा। जबकि 10 फीसदी रकम राज्य सरकार जमा कराएगी। यह बिल्कुल नई शुरूआत है।


केंद्र ने 2016 में लागू किया था 7वां वेतनमान

केंद्र सरकार ने अगस्त 2016 में जनवरी 2016 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू कर दिया था। प्रदेश में फरवरी में 7वें पूर्व आईएएस डीसी सामंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। दीपावली से ठीक पहले सीएम ने सामंत कमेटी की सिफारिश को लागू करने की घोषणा की थी। सिफारिश को लागू करने से प्रदेश सरकार पर 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक का भार आने की संभावना जताई जा रही है।


नाराजगी : 9 कर्मचारी संघ की बैठक आज

नए वेतनमान पर सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा ने बताया कि नौ संगठनों के पदाधिकारियों की मंगलवार को सचिवालय में बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला होगा। सचिवालय अधिकारी सेवा संघ के अध्यक्ष शंकर सिंह सोमवार को सीएम से भी मिले। राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के महामंत्री तेज सिंह राठौड़ ने कहा- सरकार ने धोखा दिया है।


7th Pay Commission: सैलरी बढ़ाने को सरकार का ग्रीन सिग्नल, 21,000 रुपए हो सकता है वेतन

Hemant Verma - 9:49 PM

सरकार ने 7 वें वेतन आयोग की सिफारिश से अलग न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फेक्टर  को बढ़ाने के लिए हरी झंडी दे दी है। यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है।
एनएसी और व्यय विभाग इस मामले को अंतिम रूप देंगे, जिसके बाद कैबिनेट जनवरी 2018 में इसे स्वीकृति देगी। एनएसी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की जांच करने के लिए बनाई गई थी। सरकार ने आश्वासन दिया था कि विसंगतियों की जांच होगी।
अब एनएसी को सैलरी और फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी के साथ आगे बढ़ने के लिए ग्रीन सिग्नल दिया गया है।
इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि न्यूनतम सैलरी को 18,000 रुपए से बढ़ाकर 21,000 रुपए किया जा सकता है।
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने ग्रीन सिग्नल देने का फैसला किया क्योंकि इसके पास धन था।
सरकार को पता है कि उनके पास केंद्र सरकार के कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के लिए पैसा है। वेतन बढ़ोतरी कितनी की जाएगी इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

गौरतलब है कि कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए महीने करने को पहले ही मंजूरी दे दी है। इसके अलावा फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुना बढ़ा दिया गया है। इसके बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए महीने से बढ़ाकर 26,000 रुपए महीने किया जाए और फिटमेंट फेक्टर को 2.57 गुना बढ़ाने के बजाए 3.68 गुना बढ़ाया जाए।

शिक्षा लोन के लिए विद्या लक्ष्मी पोर्टल सर्च करें, जुड़े हैं 42 बैंक

Hemant Verma - 9:31 PM
प्रदेश के हजारों छात्र जो उच्च शिक्षा के लोन के लिए परेशान होते हैं उनके लिए विद्यालक्ष्मी पोर्टल शुरू किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लोन प्राप्त करने में आसानी होगी। लेकिन, सबसे बड़ी समस्या यह है कि छात्रों को इसकी जानकारी ही नहीं है इस कारण वे इसका लाभ नहीं उठा पाते।
खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के छात्रों को इसका लाभ मिल सकता है। खास बात यह है कि इसमें 42 बैंक जुड़े हैं और 81 लोन स्कीम हैं। छात्र को यह पता चल जाएगा कि वह किस योजना के दायरे में आ सकता है। उसे यहां-वहां भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
छात्रों को पढ़ाई में लोन लेने के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालायों को निर्देशित किया है कि वे अपने पोर्टल पर विद्या लक्ष्मी पोर्टल का लिंक जरूर दें ताकि छात्र आसानी से इसे खोल सकें।
गौरतलब है कि सभी विश्वविद्यालयों की अपनी वेबसाइट है जिसमें लगातार जानकारी अपडेट होती रहती है। अगर विद्या लक्ष्मी पोर्टल का लिंक इसमें दिया रहेगा तो छात्र सीधे इस पर पहुंच सकेंगे।
ये है विद्या लक्ष्मी पोर्टल
पढ़ाई के लिए लोन की चाहत रखने वाले छात्रों के लिए विद्या लक्ष्मी पहला ऐसा पोर्टल है जिसमें उनकी विभिन्न् समस्याओं का समाधान किया गया है। इसे वित्त मंत्रालय की देखरेख में तैयार किया गया है। बैंक एसोसिएशन का भी इसमें सहयोग लिया गया है।
निम्न और मध्यम आय वर्ग के कई प्रतिभाशाली छात्र धन के अभाव में अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं। उन्हें कैसे फंड उपलब्ध हो सकता है इसकी जानकारी इस पोर्टल पर उपलब्ध है। शिक्षण संस्थानों के लिए भी यह पोर्टल उपयोगी है और वे अपने छात्रों को इसकी जानकारी दे सकते हैं।
विवि अनुदान आयोग के सचिव पीके ठाकुर ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को विवि के होम पेज पर विद्या लक्ष्मी पोर्टल का लिंक देने के लिए निर्देशित किया है ताकि उन्हें पता चल सके कि वे कैसे एजुकेशन लोन प्राप्त कर सकते हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
ऐसे करेगा काम
सबसे पहले छात्र को स्वयं का पंजीयन करवाना होगा। इसके बाद सिंगल फार्म भरना होगा जिसमें उससे संबंधित जानकारी रहेगी। इसके बाद वह एक साथ अनेक बैंकों में इसके लिए आवेदन कर सकेगा। इसमें 42 बैंक रजिस्टर्ड हैं और 81 लोन स्कीम संचालित हैं।


रूस ने उतारा iphone से कई गुना सस्ता 'टैगा' फोन, चीनी कंपनियों के उड़े होश

Hemant Verma - 9:25 PM

रूसी सॉफ्टवेयर फर्म इन्फोवॉच ग्रुप ने एक 'सर्विलांस-प्रूफ' (निगरानी-रोधी) स्मार्टफोन 'टैगा फोन' पेश किया है जिसकी कीमत16,900 रुपये है।

कंपनी का दावा है कि फोन के बिल्ट-इन प्राइवेसी फीचर्स यूज़र्स की निजता सुरक्षित रखेंगे। रूसी जंगल 'टैगा' का प्रतिनिधित्व करने के लिए फोन का रंग हरा है और इसमें 5 इंच की टचस्क्रीन, दो सिम स्लॉट और डुअल कैमरा भी है।

रूसी फोन कंपनी के बाजार में पैर पसारने से अब सबसे ज्यादा खलबली चीन की मोबाइल कंपनियों में है। क्यों कि टैगा में जो फीचर्स हैं वो अभी तक किसी भी चाईनीज फोन में नहीं है। ऐसा भी माना जा रहा है कि अगर रूसी कंपनी भारतीय बाजार में कदम रखती है तो उसे हाथों-हाथ लिया जायेगा। टैगा फोन की खासियत यह है कि इसके फीचर आई फोन से भी अच्छे हैं और कीमत आईफोन से कई गुना कम है।

दुनिया में सबसे अमीर जेफ बेजोस, एक झटके में कमाए 13,000 करोड़

Hemant Verma - 6:22 PM

दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन के संस्थापक और सीईओ जेफ बेजोस दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. संपत्ति के मामले में उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स को पीछे छोड़ दिया. फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेजॉन के शेयरों में 2 फीसदी बढ़ोतरी से बेजोस की कुल संपत्ति में 90 करोड़ डॉलर का इजाफा हुआ. उनकी संपत्ति बढ़कर 90.6 अरब डॉलर हो गई जोकि बिल गेट्स की संपत्ति (90.1 अरब डॉलर) से थोड़ी ही ज्यादा है.

ग्रॉसरी चेन खरीदने से हुआ फायदा
हाल ही में अमेरिका की सबसे बड़ी ग्रॉसरी चेन व्होल फूड्स को खरीदा था. इस डील से बेजोस ने एक झटके में ही 13,000 करोड़ रुपए (2 अरब डॉलर) कमा लिए थे. ग्रॉसरी चेन को खरीदने से बिजोस की दौलत 2 अरब डॉलर का इजाफा हुआ.

पहले भी छोड़ा था बिल गेट्स को पीछे
यह पहली बार नहीं है जब बेजोस बिल गेट्स से आगे निकले हैं। इससे पहले जुलाई में भी यह हुआ, लेकिन तब वह कुछ ही घंटों बाद फिर पिछड़ गए. 27 जुलाई को अमेजॉन के शेयर चढ़ने के बाद बेजोस की संपत्ति बढ़कर 90.6 बिलियन डॉलर हो गई थी. हालांकि, दिनभर के कारोबार में उनके शेयर फिर से गिर गए और अमीरों की सूची में बिल गेट्स टॉप पर काबिज हो गए थे.

6 महीने पहले वॉरेन बफे को छोड़ा था पीछे
करीब छह महीने पहले बेजोस, अमानसियो ऑर्टेगा और वॉरेन बफेट को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने थे. बेजोस ने कथित तौर पर इस साल में अपनी संपत्ति में 10.2 अरब डॉलर जोड़े हैं. बेजोस पहली बार 1998 में फोर्ब्स के 400 में शामिल हुए थे.

दान में बेजोस से बहुत आगे हैं गेट्स
गेट्स ने अरबपतियों को अपनी कम-से-कम आधी संपत्ति दान में देने को प्रोत्साहित करने के लिए वॉरन बफेट के साथ चैरिटी इंस्टिट्यूशन गिविंग प्लेज की स्थापना की है. साल 2016 तक गेट्स ने इसमें 31.1 बिलियन डॉलर (करीब 1,99,677 करोड़ रुपए) दान कर चुके हैं. फोर्ब्स के आकलन के मुताबिक, गिविंग प्लेज पर दस्तखत नहीं करने वाले बेजोस भी 2015 के अंत तक इसमें करीब 100 मिलियन डॉलर (करीब 642 करोड़ रुपए) दान कर चुके हैं.

बचपन में थी पैसों की तंगी
जेफ आज भले ही दुनिया के सबसे अमीर शख्स हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी था, जब उन्हें पैसों की तंगी थी. जब वे 4 साल के थे तो उनके माता-पिता का तलाक हो गया. उनके परिवार की माली हालत उस वक्त ठीक नहीं थी. तलाक के बाद उनकी मां ने दूसरी शादी की. जेफ का पालन-पोषण नाना के यहां हुआ था.

कृष 4 में विलेन बनने के लिए तैयार है बॉलीवुड का ये बड़ा सुपरस्टार

Hemant Verma - 5:01 PM
बॉलीवुड के सुपरस्टार हृतिक रोशन जल्द ही अपने आने वाली फिल्म कृष 4 से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाले हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हृतिक रोशन अपने आने वाली फिल्म क्रिस सीरीज की चौथी फिल्म यानी कृष 4 में डबल रोल में नजर आयेंगे. 

अब आप सोच रहे होंगे कि कृष सीरीज की सभी फिल्मों में हृतिक रोशन ने डबल रोल किया है लेकिन इस बार कुछ अलग होने वाला है हालही में हृतिक रोशन के पिता राकेश रोशन ने इस फिल्म को लेकर कहा कि 'कृष सीरीज की एक और फिल्म लिखना आसान नहीं है क्योंकि यह बहुत ही सफल सीरीज है. इसके अच्छा खासा वक्त लगेगा लेकिन मेरी पूरी टीम इस पर काम कर रही है.'
कृष 3 में विवेक ओबरॉय विलेन के तौर पर नजर आये थे लेकिन इस बार कृष 4 में कौन विलेन बनेगा तो मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दे कि इस बार हृतिक रोशन कृष 4 में हीरो और विलेन के रूप में नजर आयेंगे. भले ही कृष की पिछली सीरीज में हृतिक रोशन बाप बेटे के किरदार में नजर आये थे लेकिन कृष 4 में हृतिक रोशन विलेन के रूप में भी नजर आयेंगे. तो ऐसे में हृतिक रोशन को हीरो और विलेन के रूप में एक साथ देखना काफी दिलचस्प लगेगा।

आखिर क्यों सरकार नहीं लगा रही पेट्रोल पर GST, मिलने लगेगा 43 रूपए लीटर पेट्रोल!

Hemant Verma - 4:54 PM

भले ही पिछले दिनों दिवाली के मौके पर राज्य शासन ने वेट में कमी कर जनता को पेट्रोल व डीजल के दामों में कुछ राहत दी थी। जानकारी के अनुसार उस समय भी जनता को दामों में काफी कमी की आशा थी। जो पूरी नहीं होने पर प्रदेश की जनता को अब सरकार द्वारा पुन: दाम कम किए जाने की आशा है।

वहीं मध्यप्रदेश की जनता की आशा के बीच आए नेताओं के पेट्रोल को सस्ता करने के बयान ने लोगों की खुशी को दुगना कर दिया है। जानकारों का कहना है कि वेट हटाने से इनके दामों में काफी कमी आ सकती है।

जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार को भी पेट्रोल डीजल की कीमतों में तेजी के लिए हालिया हफ्तों में काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। जिसके बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश की इकॉनमी का रोडमैप पेश करते हुए जब बुधवार को जीएसटी को लेकर अपनी बात रखी तब यह भी साफ कर दिया कि केंद्र सरकार हमेशा से ही पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के अंतर्गत लाने के लिए तैयार रही है, लेकिन इस पर आखिरी निर्णय तभी लिया जा सकता है जब राज्य इसके लिए तैयार हों।

वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत सरकार को लाना चाहिए। अगर सरकार इस काम को कर दे, तो 1 लीटर पेट्रोल सिर्फ 43 रुपए में मिलेगा और एक लीटर डीजल महज 41 रुपए में,आम आदमी को मिलेगा।

भोपाल में खुशी:
फडणवीस के पेट्रोल डीजल के रेट में कमी पर आए बयान के बाद मध्यप्रदेश के भोपाल सहित विभिन्न जिलों के लोगों में खुशी का माहौल देखा गया। लोगों का कहना है कि वेट को पूरी तरह से खत्म करने से पेट्रोल व डीजल के दामों में कमी आ जाएगी, जो उचित है।

सरकार हमेशा ही हमसे पेट्रोल का कहीं ज्यादा पैसा वसूलती है। उचित है कि अब जब दाम कम हो सकते हैं, तो वह कार्यवाही की जाए।
- दिनेश शर्मा, निवासी अरेरा कॉलोनी

हर चीज तो महंगी होती जा रही है, सरकार को चाहिए कि वो जनता को राहत दे। ये बीच-बीच में एक दो रुपए की कमी क्या है, जब आप वेट खत्म कर जीएसटी ले आए हो तो वो ही चलाओ न। अपने लाभ को नहीं बल्कि सरकार को जनता का हित सोचना चाहिए।
- संजय सिंह, निवासी कोलार

सरकार हर ओर अपना ही फायदा देखती है, इसलिए अपना बैंलेंस भरे रखने के लिए हमें परेशान किया जाता है। सरकार को पेट्रोल आदि से वेट हटा लेना चाहिए। सबके लिए अच्छा होगा।वहीं GST से पेट्रोल सचमुच 43 रु. लीटर पहुंच जाएगा।
- कैलाश नामदेव, निवासी होशंगाबाद रोड

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान बिलकुल ठीक आया है। सरकार पेट्रोल डीजल से वेट हटाकर सस्ता करेगी तो कई चीजों के रेट अपने आप घट जाएंगे, क्योकिं ट्रांस्पोर्टेशन सस्ता हो जाएगा। यह कदम उठाना सबके हित में ही होगा। आशा है सरकार ऐसा ही करेगी।
- राजीव शर्मा, निवासी कटारा

दो चार रुपए वेट में कुछ प्रतिशत की कटौती कर के तो किए जा सकते हैं, यदि वेट ही हटा दिया जाएगा तो सोचिए यह पेट्रोल डीजल कितने सस्ते हो जाएंगे। केवल दिवाली या किसी खास समय पर जनता को एक दो रुपए का लाभ देने से तो अच्छा है। वेट हटा दो उसमें भी जीएसटी ही लगाओ, रेट में आई कमी सबको फायदा देगी।
- ब्रजेंद्र श्रीवास्तव, निवासी अवधपुरी

हमारा आॅफिस घर से 14 किमी दूर है और ऐसा भोपाल में कई लोगों का है। कभी कभी घर वालों के साथ घूमने भी जाना होता है। ऐसे में हर माह करीब तीन हजार का पेट्रोल आराम से लग जाता है। वेट हटेगा तो पेट्रोल में कम खर्चा तो होगा ही घर में भी कुछ अपने बच्चों की और जरूरतें पूरी कर सकेंगे।
- रामेंद्र चतुर्वेदी, निवासी कटारा
इससे पहले हालिया हफ्तों में हुई आलोचनाओं के बाद केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यटी में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी। इसके बाद मध्यप्रदेश,गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश ने वैट घटा दिया। वहीं यह भी माना जा रहा है कि जीएसटी के दायरे में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लाने से उपभोक्ताओं को लाभ हो सकता है। मालूम हो कि पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकारें 25 से 49 फीसदी तक वैट वसूलती हैं।
फड़नवीस का ये आया बयान:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऑयल मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को अपने सुझाव दिए हैं। उन्होंने यह सुझाव एक कार्यक्रम में दिए। हालांकि कुछ समय पहले ही डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये घटा दी। वहीं, मध्यप्रदेश,महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों ने भी वैट में कटौती कर दी है।

कार्यक्रम में सुझाव देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत सरकार को लाना चाहिए। अगर सरकार इस काम को कर दे, तो 1 लीटर पेट्रोल सिर्फ 43 रुपए में मिलेगा और एक लीटर डीजल महज 41 रुपए में,आम आदमी को मिलेगा। 4 सितंबर को इंडियन ऑयल कंपनी की तरफ से जारी डाटा के मुताबिक ऑयल कंपनियां एक लीटर पेट्रोल के लिए 26.65 रुपये चुकाती हैं।

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